Animocity Review

Creator: Krishna

Animocity Review

समीक्षा: अनिमोसिटी 


*Spoilers ahead*


"I don't harbour sucidal intentions, My aim was to commence afresh, longing for a rebirth as the person my daughter sought."- Farakka 


मैं इसकी समीक्षा के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था। मुझे पता था कि इस कहानी में मुझे जघन्यता मिलेगी, मैं इसकी उम्मीद कर रहा था, पर जब पन्ने पलटा, मैं इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था। बिल्कुल भी नहीं। 


कहानी की शुरुआत में ही एक सीन है, जिसमें एक व्यक्ति मौजूदा सत्ता के खिलाफ नारे लगा रहा होता है, जिसके जवाब में सत्ताधारी उसे दावत के लिए निमंत्रित करता है, अपने साथ में दावत खाने के लिए नहीं, बल्कि उसे खुद दावत बनकर परोसने के लिए। और मेरा यकीन कीजिए, जैसे-जैसे यह बात सामने आते जाती है कि उस व्यक्ति के साथ आगे क्या होनेवाला है, यह पोलिटिकल थ्रिलर एक हॉरर थ्रिलर में बदल जाती है जहाँ आप खुद उसके डर को, उसके तड़प को महसूस कर पा रहे होते हैं। पर इसे डरावना वह घटना नहीं बनाती, बल्कि उसकी वास्तविकता बनाती है, जब आप खुद को उसके जगह रखकर यह सब देख रहे होते हैं। जहाँ वे सभी जानवर उसका नहीं आपका गला काट रहे होते हैं। यह वह वक़्त था जब मुझे एहसास हुआ कि मैं इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हूँ। 


कहानी में जघन्यता रखना एक लेखक के लिए उतना मुश्किल नहीं होता, इसका एहसास मुझे तभी हो गया था जब मैंने गेम ऑफ डेथ सीरीज़ लिखी थी, पर एक पाठक के लिए इसे पढ़ना किसी डरावने सपने से कम नहीं होता। अगर बात की जाए इस कहानी को सिर्फ इसलिए भी नहीं पढ़ा जाना चाहिए क्योंकि यह आपके कलेजे को कुचल कर रख देगी। इसे पढ़ा जाना चाहिए इसकी डिटेलिंग के कारण। जब कॉमिक्स के पन्ने पलटते हैं तो जो पहला पेज आपको देखने मिलता है, वह एक मानचित्र होता है। इस कहानी की पृष्ठभूमि का मानचित्र, जिसमें हर important places को काफी डिटेलिंग के साथ एक-एक करके पॉइन्ट आउट किया गया है जिससे आपके दिमाग में एक छवि पहले से बन जाती है और जब आगे कहानी में उस जगह का mention होता है, आप फौरन यह समझ जाते हैं की कहाँ की बात हो रही है। इज बात यह भी दर्शाती है कि लेखक कहानी लेखन को लेकर कितना ज्यादा passonate है, उसने इसे कितने दिल से लिखा है।


पर इसके बावजूद भी इस कॉमिक्स का सबसे मजबूत पहलू इसका आर्टवर्क है। अगर इतने दिल से लिखी गयी कहानी के बाद भी यह इस कॉमिक्स का दूसरा सबसे दमदार पहलू है तब इससे आप साफ अंदाज़ा लगा सकते हैं कि इसके आर्टवर्क का स्तर क्या है। ऐसा नहीं है यह विश्व का सर्वश्रेष्ठ आर्टवर्क है, पर जो कहानी कहना चाह रही होती है यह उसे अच्छे से कॉन्वेय कर देती है। यही इसकी सबसे मजबूत कड़ी है। यह उन artworks में से नहीं है जिसे देखकर आंखों को सुकून मिले या फिर पोस्टर बनाकर दीवार में टांगने का मन करे, बल्कि इसे देखकर आपको तुरन्त किताब को बंद करने का मन करता है। और यही इसकी सबसे अच्छी बात है । उदाहरण के लिए मैं उस सिन को कैसे अपने दिमाग से निकाल लूँ जिनमें एक नवजात शिशु का परोसा समूल मांस कुछ निर्दयी जानवर अपनी थाली में परोस कर खा रहे थे।अगर लेखन शैली और उसके टेक्निकल आस्पेक्ट्स को देखूं तो उस लिहाज से इसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं है। कहानी में chekov's gun (यह कहानी लेखन में इस्तेमाल की जाने वाली एक तकनीक है।) का अच्छे से इस्तेमाल किया गया है जैसे कहानी के अंत में होने वाली घटनाओं से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को पहले से ही सेट अप कर देना। कैरेक्टर डेवलोपमेन्ट भी वेल executed है। उदाहरण के लिए फरक्का के ह्रदय परिवर्तन इमोशनली relatable बनाने के लिए उसे एक माँ के श्राप से जोड़ना। कहानी अपने पीसेस को अच्छे से arange करके अलग अलग जगहों पर रखती है।


अब आते हैं कुछ नकारात्मक पहलुओं पर। 


 कहानी का मैन थीम एक पोलिटिकल थ्रिलर है, और इसके लिए कहानी एक दुर्दांत antagonist को एस्टेब्लिश करती है और उसे बुरा दिखाने की भरसक प्रयास करती है, ऐसा करने के लिए वह mature एलिमेंट्स तक के बाउंड्रीज को पुश करती है। जिसके बदौलत आपके मन में लायन किंग को लेकर में डर और नफरत दोनों कूटकर भर जाती है। पर फिर यह कहीं caricatuish सा लगता है। किंग चालाक है, पर एक आयामी है। वह किसी टिपिकल फिल्मी विलन की तरह सा लगता है, जिससे आप सिर्फ नफरत करना चाहते हैं। और यह jstifiable भी है क्योंकि हम एक शेर की बात कर रहे हैं, वो वैसे भी लोगों को मारकर खाता है, अब बस थोड़ा दिमाग लगाकर खाता है। पर मैं चाहूंगा कि इसके characterisation पर थोड़ा और काम हो। इसके अलावा कहानी इतनी लंबी होने के बाद भी अधूरी सी लगती है, ऐसा लगता है अभी तक कुछ शुरू ही नहीं हुआ हो।ऐसा इसलिए भी है कहानी को किसी किरदार को सेंटर में रखकर नहीं कहा गया है, बल्कि कहानी का केंद्र बिंदु एक परिवेश है। अगर अंत के कुछ पन्नों को छोड़ दिया जाए तो कहानी आगे भी नहीं बढ़ती या फिर बहुत धीमे-धीमे बढ़ती है। ज्यादातर पेजेस बस परिवेश को समझाने में ही लगाती है पर अंत में यह promise भी करती है कि यहाँ से कहानी बेहद दिलचस्प होनेवाली है। 


अगर बात कलरिंग कि की जाए तो इसका कलर पलेट इसके मूल atmosphere को सेट करने में अच्छे से सहयोग करती है। कहानी पूरी नहीं है, एक wholsome एक्सपीरिएंस भी नहीं देती है, पर फिर भी इसके परिवेश और इसके उम्दा आर्टवर्क को लेकर इसे पढ़ा जा सकता है। बशर्ते अगर आप इसके लिए तैयार हो तो।








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