Creator: Fictioncomics
पगला दादू – स्टूडियो का सबसे बड़ा सिरदर्द, और पाठकों के लिए सबसे बड़ा मनोरंजन!
फिक्शन कॉमिक्स स्टूडियो में अगर कोई सबसे goofy, सबसे annoying और सबसे बेवकूफों का सरताज है, तो वो हैं हमारे प्यारे (और प्यारे सिर्फ नाम के) पगला दादू!
वो एडिटर हैं... कम और तबाही के एडवांस बुकिंग वाले सेंटर ज़्यादा लगते हैं। जहाँ बाकी एडिटर कहानियाँ सुधारते हैं, दादू वहाँ पंचलाइन में आलू डाल देते हैं! उनकी वजह से पब्लिशर्स सिर पकड़ कर बैठ जाते हैं, और आर्टिस्ट्स अपना ब्रश ज़मीन पर पटक कर कसम खा लेते हैं – "अब नहीं करेंगे इनके साथ!"
कभी कहानी में डायन की जगह डाल देते हैं दूधवाली, तो कभी हीरो के डायलॉग में घुसेड़ देते हैं अपनी चाय की रेसिपी। मंथली मीटिंग्स में सब प्लान बनाते हैं कॉमिक्स के... और दादू बीच में पूछ लेते हैं – "किसी को समोसा चाहिए क्या?"
उनकी बेवकूफियों से पूरी स्टूडियो परेशान है, लेकिन पाठक लाइन लगाकर कहते हैं – "और दो पगला दादू, और हँसाओ!"
पगला दादू सिर्फ कॉमिक नहीं है – यह उस इंसान की कहानी है जिसे भगवान ने भेजा था कॉमिक्स स्टूडियो में सिर्फ हंगामा मचाने के लिए।
अगर हँसी रोकना है तो मत पढ़ो...
लेकिन अगर दिल खोलकर हँसना है — तो पगला दादू से बेहतर कोई इलाज नहीं!